निवेश मित्र 3.0: उद्योग स्थापना को बनाएगा सरल, पारदर्शी और तेज

निवेश मित्र 3.0: उद्योग स्थापना को बनाएगा सरल, पारदर्शी और तेज

Will make setting up industries simple

Will make setting up industries simple

'निवेश मित्र 3.0' से उद्योग लगाना होगा आसान और पारदर्शी।

निजी बिजनेस पार्क नीति से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति।

₹2781 करोड़ के प्रोत्साहन से उद्योगों को मिला बढ़ावा।

लखनऊ। Will make setting up industries simple, दुनिया के कई हिस्सों में जारी अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितता और अव्यवस्था के बीच भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश आज निवेश व व्यापार के लिए एक सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण के रूप में उभरकर सामने आया है।

इसी विश्वास को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘निवेश मित्र 3.0’ सिंगल विंडो सिस्टम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में पारदर्शी नीतियों, सख्त कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग-अनुकूल माहौल के जरिए अपनी पहचान को पूरी तरह बदला है।

आज उत्तर प्रदेश न केवल निवेशकों के लिए सुरक्षित गंतव्य बना है, बल्कि यहां उन्हें स्केलेबल बिजनेस के लिए अनुकूल इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल युवा मानव संसाधन और सीमलेस कनेक्टिविटी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हो रही हैं।

यही कारण है कि जो निवेशक पहले प्रदेश आने से हिचकते थे, आज वही यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

निवेश मित्र 3.0 से आसान होगा उद्योग लगाना

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत करते हुए धारा 80 के तहत लैंड यूज की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही लैंड यूज स्वतः स्वीकृत माना जाएगा और अलग से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी।

साथ ही ‘निवेश मित्र 3.0’ को लॉन्च कर 43 से अधिक विभागों की 530 सेवाओं को सरल बनाकर 200 से कम सेवाओं में समेकित किया गया है। इसमें पैन आधारित सिंगल यूजर आईडी, डायनेमिक सीएएफ, एआई चैटबॉट, रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड अलर्ट और एंड-टू-एंड ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

यह प्लेटफॉर्म एनएसडब्ल्यूएस, आईजीआरएस और जीआईएस लैंड बैंक से एकीकृत होकर निवेशकों को एक सीमलेस, ट्रांसपेरेंट और प्रिडिक्टेबल डिजिटल इकोसिस्टम प्रदान करता है, जिससे निवेश प्रक्रिया पूरी तरह आसान और हस्तक्षेप-मुक्त बन सके।

निजी बिजनेस पार्क नीति और स्किल कनेक्ट से बढ़ेगा निवेश व रोजगार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। इसी क्रम में कैबिनेट द्वारा निजी बिजनेस पार्क नीति को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब कोई भी निवेशक बिजनेस पार्क विकसित कर प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर उद्योगों को आगे बढ़ा सकेगा।

इस मॉडल में सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निवेशक अपना निवेश करेंगे और रेवेन्यू शेयर व्यवस्था के तहत पारदर्शी तरीके से लाभ का बंटवारा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होगा, जिससे निवेशकों को सुगम और सुरक्षित माहौल मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के एक बड़े हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से पीएमयू कौशल कनेक्ट सेल का गठन किया गया है, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

वहीं, एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल के जरिए नए उद्यमियों को प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और समर्थन दिया जाएगा। इन सभी पहलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश, रोजगार और उद्यमिता को एक साथ बढ़ावा देना है, ताकि उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में और सशक्त बन सके।

2012-17 के बीच मात्र 16 एलओसी, 9 वर्षों में 3367 जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में हुए इंसेंटिव वितरण कार्यक्रम से औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, बायोप्लास्टिक, आयरन एंड स्टील, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों की 85 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के आधार पर कुल 2781 करोड़ 12 लाख रुपये की सब्सिडी वितरित की गई।

इसके तहत आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की 4 परियोजनाओं को 73 करोड़ और फूड प्रोसेसिंग की 10 परियोजनाओं को 20 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया। उन्होंने बताया कि जहां 2012 से 2017 के बीच मात्र 16 एलओसी जारी हुए थे, वहीं पिछले 9 वर्षों में 3367 एलओसी जारी किए गए हैं, जो निवेश माहौल में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक उद्योग केवल निवेश नहीं लाता, बल्कि रोजगार और कनेक्टिविटी भी बढ़ाता है। उद्यमियों को सम्मान और सुरक्षा देना जरूरी है, क्योंकि वे अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

उत्तर प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बनाने का जो सपना देखा गया था, वह आज साकार हो रहा है। डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल माहौल से निवेशकों का विश्वास फिर से स्थापित किया, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों में क्षति पहुंची थी।

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में ‘टीम यूपी’ के निरंतर प्रयासों से आज प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। नवरात्रि के अवसर पर विभिन्न नीतियों के तहत इंसेंटिव सीधे खातों में देकर रुकी परियोजनाओं को गति दी जा रही है, खासकर फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में, जहां 11% कृषि योग्य भूमि के बावजूद 21% खाद्यान्न उत्पादन के साथ अब वैल्यू एडिशन और रोजगार पर फोकस है।

“जीरो टॉलरेंस” और “जीरो करप्शन” नीति के प्रभाव से निवेश का माहौल पूरी तरह बदला है और अब निवेशक स्वयं यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 75,000 एकड़ लैंड बैंक, बेहतर सीमलेस कनेक्टिविटी, देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 55% हिस्सेदारी (जल्द 60%), 12 घरेलू व 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और जेवर में शुरू होने जा रहे देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से निवेश को नई दिशा मिल रही है। 28 मार्च को पीएम मोदी इसका लोकार्पण करेंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का कार्गो व लॉजिस्टिक का सबसे बड़ा हब बनने वाला, यहां एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) की सुविधा भी देश में पहली बार देखने को मिलेगी। साथ ही वाराणसी से जुड़े इनलैंड वाटरवे, सात शहरों में मेट्रो सेवा और मजबूत सड़क नेटवर्क के कारण अब निवेश एनसीआर तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी यूपी सहित पूरे प्रदेश में तेजी से फैल रहा है।